‘लिव-इन’ पार्टनर की हत्या : दुर्गंध दूर करने के लिए आरोपी ने रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल किया

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महाराष्ट्र के ठाणे जिले में अपनी 36 वर्षीय ‘‘लिव-इन” पार्टनर की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी ने शव के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद उन्हें अपने फ्लैट में तीन बाल्टियों में रखा और दुर्गंध को दूर करने के लिए ‘रूम फ्रेशनर’ का छिड़काव किया. पड़ोसियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार ठाणे के मीरा भायंदर इलाके में एक फ्लैट में 36 वर्षीय महिला का शव बरामद हुआ था जिसके कई टुकड़े किए गए थे. उसने बताया कि पीड़िता सरस्वती वैद्य फ्लैट में मनोज साने (56) नामक व्यक्ति के साथ ‘लिव-इन’ में रहती थी. दोनों पिछले तीन साल से इस तरह रह रहे थे.

पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया और अदालत ने उसे 16 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

आरोपी के पड़ोसी सोमेश श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले कुछ दिनों से उस फ्लैट से दुर्गंध आ रही थी. श्रीवास्तव ने कहा कि बदबू के बारे में उन्होंने खुद ही साने से बात करने का फैसला किया क्योंकि आमतौर पर साने अपना फ्लैट नहीं खोलता था.

उन्होंने कहा, ‘‘बुधवार को, साने के फ्लैट से आने वाली असहनीय दुर्गंध को लेकर उन्होंने बात करने का फैसला किया और साने के दरवाजे पर दस्तक दी. शुरू में अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, कुछ देर बाद साने ने दरवाजा खोला. इससे पहले, उसने बदबू को दूर करने के लिए रूम फ्रेशनर का छिड़काव किया. मैंने स्प्रे की आवाज सुनी.’‘

श्रीवास्तव ने कहा कि साने ने दरवाजा खोला और यह कहकर बाहर निकलने लगा कि उसे किसी जरूरी काम से बाहर जाना है और वह रात में करीब 10.30 बजे लौटेगा. उस समय, श्रीवास्तव की मां ने गौर किया कि साने की महिला साथी उसे विदा करने के लिए वहां नहीं थी, जबकि साने जब भी बाहर जाता था तो वह बाहर आकर उसे विदा करती थी.

श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें लगा कि कुछ गड़बड़ है और उन्होंने हाउसिंग सोसाइटी के पदाधिकारियों को सूचित किया. उसके बाद पदाधिकारियों ने बिल्डर एवं फ्लैट के एजेंट को बुलाया. सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम भी पहुंच गई. पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रवेश किया. श्रीवास्तव ने कहा कि वह भी घर के अंदर गए.

पुलिस को हॉल में लकड़ी काटने वाली आरी और बेडरूम में प्लास्टिक का एक टुकड़ा मिला. उन्होंने कहा कि रसोई में तीन बाल्टियों में खून और शव के कटे टुकड़े देखकर वे लोग चौंक गए. वहां हड्डियां भी पड़ी थीं.

इसके बाद पुलिस ने साने को पकड़ने का फैसला किया और उसके लौटने का इंतजार किया. श्रीवास्तव ने कहा कि हालांकि साने ने कहा था कि वह रात 10.30 बजे तक लौटेगा, लेकिन वह रात करीब 8.30 बजे वापस आया और पुलिस को देखकर उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन फ्लैट के एजेंट ने उसे पहचान लिया और उसे तुरंत पकड़ लिया गया.

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